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- स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए पुरुषों की सहभागिता भी जरूरी, जिले में हैं 22477 धातृ माताएं
- स्तनपान कराने से माँ कई गंभीर बीमारी से रहती है दूर और बच्चे का स्वस्थ और मजबूत शरीर का होता है निर्माण
खगड़िया, 22 सितंबर-
स्तनपान ना सिर्फ बच्चों के लिए, बल्कि माँ के लिए भी काफी लाभदायक और फायदेमंद है। इसलिए, हर माँ को शिशु के जन्म के बाद एक घंटे के अंदर अपने शिशु को स्तनपान कराना शुरू कर देना चाहिए। माँ का यह गाढ़ा-पीला दूध शिशु के लिए काफी लाभदायक है । इसे प्रथम टीका भी कहा जाता है। साथ ही शिशु के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए काफी सहायक भी है। इसके बाद बच्चों को छः माह तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान ही कराना चाहिए, यानी स्तनपान के अलावा पानी भी नहीं देना चाहिए। बच्चों की प्यास बुझाने के लिए भी माँ का दूध उपयुक्त आहार है। छः माह की उम्र सीमा पार करने के बाद ही शिशु के सर्वांगीण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए ऊपरी आहार शुरू करना चाहिए । कम से कम दो वर्षों तक ऊपरी आहार के साथ स्तनपान भी जारी रखना चाहिए। यह बच्चों के सतत विकास के लिए काफी लाभदायक है।
- स्तनपान माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद :
आईसीडीएस डीपीओ सुनीता कुमारी ने बताया, स्तनपान माँ और बच्चे दोनों के लिए काफी फायदेमंद हैं। पर्याप्त स्तनपान से जहाँ बच्चे का सर्वांगीण शारीरिक और मानसिक होता और संक्रामक बीमारी से बचाव करता है। वहीं, माँ को काफी गंभीर बीमारियों की परेशानी से काफी हद तक बचाव करता है। इसलिए, हर माँ को पुरानी अवधारणाओं और ख्यालातों से बाहर आकर शिशु के जन्म के बाद एक घंटे के अंदर स्तनपान शुरू कर देना चाहिए। वहीं, उन्होंने बताया, स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए पुरुषों की सहभागिता भी जरूरी है। दरअसल, पर्याप्त मात्रा में स्तनपान कराने के लिए माँ को भी उचित पोषण की जरूरत है। इसलिए, पुरुषों को भी महिलाओं के खान-पान को लेकर सजग रहना चाहिए और पौष्टिक और पोषण युक्त आहार (हरी और पत्तेदार सब्जियां, सोयाबीन, पालक, कद्दू, बीट, गाजर, अंडा) के सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
- धातृ माताओं को किया जा रहा है जागरूक :
आईसीडीएस के जिला समन्वयक अंबुज कुमार ने बताया, वर्तमान में पोषण माह चल रहा है। जिसके तहत एक-एक धातृ माता (स्तनपान कराने वाली माँ) को स्तनपान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिसके दौरान स्तनपान से होने वाले फायदे, शिशु के सर्वांगीण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्तनपान कितना और क्यों जरूरी सहित तमाम जानकारियाँ दी जा रही हैं । वहीं, उन्होंने बताया, जिले में कुल 22,477 धातृ माताएं हैं। स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं तक स्तनपान का संदेश पहुँचाने के हर जरूरी प्रयास किए जा रहे हैं।
- माँ के दूध में होते हैं कई पोषक तत्व :
सदर सीडीपीओ रंजना कुमारी ने बताया, माँ के दूध में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। माँ के दूध में मौजूद पोषक तत्व जैसे पानी, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट मिनरल्स, वसा, कैलोरी शिशु को न सिर्फ बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। साथ ही बच्चे की पाचन क्रिया भी मजबूत होती है। इसलिए, माँ के दूध को शिशु का प्रथम टीका कहा गया है, जो छ: माह तक के बच्चे के लिए बेहद जरूरी है।
- स्तनपान से शिशु और माँ को होने वाले लाभ :
- बच्चे के सर्वांगीण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सहायक।
- रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
- माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक रिश्ता मजबूत होता है।
- स्तन कैंसर की संभावना नहीं रहती है।
- माँ का वजन कम होता है।
- बच्चे संक्रामक बीमारी से दूर रहते हैं।

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar