- बैठक में एएनएम समेत अन्य कर्मियों को दिए गए जरूरी निर्देश
- सुदुरवर्ती इलाके में तेज हुआ एमडीए अभियान, दवाई के प्रतिकूल प्रभाव से बचाव के लिए टीम तैयार
लखीसराय, 12 जुलाई-
जिले के सुदुरवर्ती इलाके में स्थित लखीसराय सदर पीएचसी के अधीनस्थ संचालित चानन सीएचसी में एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) अभियान को और तेज गति देने के लिए एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक लखीसराय पीएचसी के आर आई नोडल पदाधिकारी डाॅ विजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। जिसमें मौजूद एएनएम समेत अन्य कर्मियों को एमडीए अभियान को और तेज गति देने के लिए जरूरी निर्देश दिए गए। साथ ही अबतक उक्त अभियान के दौरान कितने व्यक्तियों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा का सेवन कराया गया समेत अन्य जानकारियाँ ली गई और समीक्षा की गई। साथ ही अभियान को गति देने के लिए जरूरी एक्शन प्लान भी तैयार किया गया। ताकि हर हाल में निर्धारित समयावधि के अंदर शत-प्रतिशत लोगों को दवाई का सेवन कराया जा सके और अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
- दवाई के प्रतिकूल प्रभाव से बचाव के लिए टीम तैयार :
आर आई के नोडल पदाधिकारी डाॅ विजेंद्र कुमार ने बताया, बैठक के दौरान मौजूद एएनएम समेत अन्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि खुद के सामने ही लाभार्थियों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा का सेवन कराएं। दवाई का सेवन कराने के पश्चात अगर किसी भी लाभार्थियों में प्रतिकूल प्रभाव दिखे, अविलंब रैपिड यी रिस्पांस टीम (आरआरटी) को सूचित करें। ताकि संबंधित लाभार्थियों को ससमय उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान करायी जा सके और सभी लाभार्थी सुरक्षित माहौल में दवाई का सेवन कर सकें । इसके लिए रैपिड रिस्पांस टीम हमेशा तैयार है। ताकि किसी भी स्थिति से ऑन द स्पॉट निपटा जा सके और लाभार्थियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो।
- सुदुरवर्ती इलाके में स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ़ और मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग अग्रसर :
लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने बताया, चानन एक से सुदुरवर्ती इलाका है। बाबजूद इसके इस इलाके में स्वास्थ्य सुविधा को सुदृढ़ और मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अग्रसर है। इसे सुनिश्चित करने को लेकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ़ और मजबूत हो सके एवं सामुदायिक स्तर पर लोगों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। वहीं, उन्होंने बताया, वर्तमान में संचालित एमडीए अभियान के तहत घर-घर जाकर योग्य लाभार्थियों को फाइलेरिया से बचाव के लिए अल्बेंडाजोल और डीईसी की दवा का सेवन कराया जा रहा है। साथ ही इस बीमारी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा और बचाव से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, 2 से 5 साल तक के बच्चों को डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की एक-एक गोली, 6 से 14 साल तक के किशोरों को डीईसी की दो एवं अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को डीईसी की तीन गोलियां एवं अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जा रही है। वहीं, उन्होंने बताया, उक्त दवा गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के अलावा दो वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को छोड़कर शेष सभी लोगों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा खिलाई जा रही है।
- साइड इफेक्ट से घबराएं नहीं :
दवा सेवन के बाद किसी तरह के सामान्य साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। अमूमन जिनके अंदर फाइलेरिया के परजीवी होते हैं, उनमें ही साइड इफेक्ट देखने को मिलता है। साइड इफेक्ट सामान्य ही होते हैं, जो प्राथमिक उपचार से ठीक हो जाता है।
- फाइलेरिया क्या है ?
- फाइलेरिया मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है।
- किसी भी उम्र के व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है।
- फाइलेरिया के लक्षण हाथ और पैर में सूजन (हाँथीपाँव) व हाईड्रोसील (अण्डकोष में सूजन) है।
- किसी भी व्यक्ति को संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में 05 से 15 वर्ष लग सकते हैं।
- इन बातों का रखें ख्याल :
- भूखे पेट दवा नहीं खिलानी है।
- किसी के बदले किसी अन्य को दवा ना दें और स्वास्थ्य कर्मी के सामने दवा खाएं।
- गर्भवती महिलाओं को दवा नहीं खिलानी है।
- 02 वर्ष छोटे बच्चे को दवा नहीं खिलानी है।
- गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी दवा नहीं खिलानी है।
- फाइलेरिया से बचाव के उपाय :
- सोने के समय मच्छरदानी का निश्चित रूप से प्रयोग करें।
- घर के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने दें।
- अल्बेंडाजोल व डीईसी दवा का निश्चित रूप से सेवन करें।
- साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
रिपोर्टर
Dr. Rajesh Kumar
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
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