A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव A new Punjabi Singing Sensation Akshay Shokeen ruling the hearts of youth महामारी कोविड-१९ःके.आई.आई.टी एवं के.आई.एस.एस. ने बनाया असंभव को संभव डेंगू को लेकर रहें सतर्क, मच्छरों से करें अपना बचाव

Duniyadari CoronaVirus IPL2020 Bollywood

बदलते मौसम में रखें खुद का ख्याल

दूषित पानी एवं संक्रमित खाद्य पदार्थ मियादी बुखार के लिए हैं ज़िम्मेदार

बच्चों में दस्त की शिकायत एवं बुखार के साथ बड़ो में कब्ज की शिकायत मियादी बुखार के लक्षण 

लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी चिकित्सकीय सलाह लेना है जरुरी  

साफ पानी और पौष्टिक आहार है फायदेमंद

 

 

लखीसराय / 22 जून : 

बरसात  के महीनों की शुरुआत होते ही कई प्रकार के रोगों में बढ़ोतरी हो जाती है. इन महीनों में मियादी बुखार यानि टायफायड के मरीजों की भी संख्या में इजाफ़ा हो जाता है. अन्य बुखारों की अपेक्षा मियादी बुखार अधिक गंभीर रोग की श्रेणी में आता है. सही समय पर बेहतर प्रबंधन के आभाव में इससे जान जाने का भी ख़तरा बढ़ जाता है. 

क्या है मियादी बुखार : मियादी बुखार यानि टायफायड फीवर सालमोनेला टायफ़ी नामक बैक्टीरिया से फैलता है. यह बैक्टीरिया सामान्यता दूषित पानी एवं संक्रमित खाद्य पदार्थों में ही पनपते हैं. साथ ही यह बैक्टीरिया पानी में लम्बे समय तक जीवित रहने में समर्थ भी होते हैं. जिसके कारण दूषित पानी या संक्रमित भोजन सेवन करने से व्यक्ति मियादी बुखार से ग्रसित हो जाता है. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व भर में प्रतिवर्ष 1 से 2 करोड़ लोग मियादी बुखार के शिकार होते हैं जिनमें लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोगों को सही समय पर ईलाज नहीं मिलने के कारण जान गँवानी पड़ती है. 

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया कि मियादी बुखार के लिए दूषित पानी एवं संक्रमित आहार सेवन मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है. साफ़ पानी एवं ताज़ा भोजन सेवन कर से इस रोग से बचा जा सकता है. मियादी बुखार को लक्षणों के आधार पर पहचाना जा सकता है. नियमित बढने वाला तेज बुखार के साथ दस्त एवं उल्टी , बदन दर्द , कमजोरी, सिर दर्द, पेट दर्द ,भूख न लगना, बच्चों में दस्त की शिकायत एवं बुखार के साथ बड़ो में कब्ज की शिकायत मियादी बुखार के लक्षण होते हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर चिकित्सकीय सलाह जरुर लेनी चाहिए. ईलाज के तौर पर ऐसे मरीजों को एंटीबायोटिक की डोज दी जाती है जिसे मरीज को लगभग 2 हफ़्तों तक दवा खानी होती है. मरीज घर पर ही रहकर संतुलित एवं सुपाच्य भोजन के साथ पर्याप्त मात्रा में नारियल का पानी एवं फलों के जूस के सेवन के साथ दवा का सेवन कर सकता है. 

बचाव के लिए यह करें

 दूषित पानी एवं संक्रमित या बासी भोजन खाने से बचें

 बाहर का खाना खाने से बचें 

 ठेले पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों एवं पेय पदार्थों का सेवन नहीं करें 

 फ़ल या सब्जी को हमेशा साफ़ पानी से धोएं  

 बाहर मिलने वाले बर्फ का इस्तेमाल ना करें

 खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं 

 नियमित बुखार के साथ उल्टी या दस्त होने पर डॉक्टर से जरुर मिलें   

 बिना चिकित्सकीय सलाह के बुखार की दवा नहीं खाएं  

इनका विशेष रखें ध्यान : जीवाणुओं की वृद्धि तेज हो जाती है यदि कुक्ड फ़ूड को घंटे से अधिक रूम तापमान में रखा जाता है. खाद्य पदार्थों को 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे या 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रखने पर जीवणुओं के संक्रमण से खाद्य पदार्थों को सुरक्षित किया जा सकता है. कच्चे फ़ल, मीट, मछली या अन्य कच्चे खाद्य पदार्थों को खाने से दूर रखना चाहिए क्योंकि इनमें जीवाणुओं की संख्या अधिक होती है. खाने के साथ रखने से जीवाणुओं का खाने में संक्रमण फैलने की पूरी संभावना होती है. सभी कच्चे फ़ल ,सब्जी, मीट या मछली को अच्छी तरह साफ़ पानी में धोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए

रिपोर्टर

  • Rashtra Jagrook (Admin)
    Rashtra Jagrook (Admin)

    The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News

    Rashtra Jagrook (Admin)

संबंधित पोस्ट