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सदर अस्पताल के लेबर रूम में प्रसूता को मिलती हैं हर तरह की सुविधाएं

 
-बेड पर ही मिल जाता है बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट
-एंबुलेंस के जरिये प्रसूता को भेजा जाता है घर
 
भागलपुर, 22 जून
 
सदर अस्पताल, भागलपुर के लेबर रूम में प्रसूता को हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। प्रसव को लेकर डॉक्टर और नर्स तो मौजूद रहती ही हैं, जरूरत पड़ने पर सिजेरियन भी किया जाता है। इसके साथ-साथ बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट भी बेड पर ही मिल जाता है। बर्थ सर्टिफिकेट को लेकर लोगों को चक्कर नहीं काटना पड़ता है। साथ ही प्रसूता को जब अस्ताल से छुट्टी मिलती है तो उसे एंबुलेंस से वापस घर भेजा जाता है। यही कारण है कि सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
सदर अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजू कहते हैं कि सदर अस्पताल के लेबर रूम और मातृत्व ऑपरेशन थियेटर में हर तरह की सुविधा उपलब्ध है। अगर कोई निजी अस्पताल में प्रसव के लिए जाता है तो उसे बर्थ सर्टिफिकेट के लिए चक्कर लगाना पड़ता है, लेकिन सदर अस्पताल में यह बेड पर ही मिल जाता है। इसी तरह अगर कोई निजी अस्पताल में प्रसव कराता है तो उसे एंबुलेंस से वापस घर जाने पर पैसे खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को मुफ्त में एंबुलेंस के जरिये घर भेजा जाता है। यहां पर जो भी महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं, उन्हें सुविधाएं तो मिलती ही हैं, साथ में पैसे भी नहीं लगते हैं। जांच, इलाज से लेकर दवा तक की सुविधा यहां पर मुफ्त में मिलती है।
लक्ष्य कार्यक्रम के तहत भी मिली है मान्यताः सदर अस्पताल के लेबर रूम और मातृत्व ऑपरेशन थियेटर को लक्ष्य कार्यक्रम के तहत भी मान्यता मिली हुई है। कायाकल्प योजना के तहत भी सदर अस्पताल को राज्य में पहला पुरस्कार मिला है। केयर इंडिया के डीटीओ फैसिलिटी डॉ. राजेश कुमार मिश्रा कहते हैं कि कायाकल्प के तहत राज्य में प्रथम पुरस्कार मिलना और लक्ष्य कार्यक्रम के तहत भी मान्यता मिलना इस बात का प्रमाण है कि यहां पर प्रसूताओं को बेहतरीन सुविधाएं मिल रही हैं। एक महीने में पांच सौ से ज्यादा संस्थागत प्रसव और 50 से ज्यादा सिजेरियन होना इस बात का प्रमाण है कि यहां पर सुविधाएं बेहतरीन हैं।
सेवा के बाद पूछा भी जाता है कि यहां कि सुविधाएं कैसी रहीं- सदर अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाएं जब छुट्टी मिलने के बाद वापस घर जाने लगती हैं तो उस दौरान उसे पूछा भी जाता है कि आपको यहां कि सुविधाएं कैसी लगीं। क्या कुछ कमी तो नहीं रह गई। इसे लेकर एक फॉर्म भी दिया जाता है, जिसे भरकर प्रसूता या उसके परिजन देते हैं। इस मायने में भी भागलपुर सदर अस्पताल खरा उतरा है। 70 प्रतिशत से अधिक लोगों ने यहां की सुविधा और सेवा पर संतुष्टि जताई है। तभी तो भागलपुर सदर अस्पताल के लेबर रूम को लक्ष्य कार्यक्रम के तहत भी मान्यता मिली हुई है। अगर इसमें 70 प्रतिशत से कम अंक आता है तो लक्ष्य कार्यक्रम के तहत मान्यता नहीं मिलती है।

रिपोर्टर

  • Dr. Rajesh Kumar
    Dr. Rajesh Kumar

    The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News

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