- प्रभातफेरी को प्रभारी सिविल सर्जन, डीपीएम, डिप्टी सुपरिटेंडेंट और एनसीडीओ ने दिखाई हरी झंडी
- स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने ली तम्बाकू उत्पाद इस्तेमाल नहीं करने की शपथ
मुंगेर, 31 मई-
विश्व तम्बाकू दिवस के अवसर पर लोगों को तम्बाकू सेवन के दुष्परिणाम और माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को एएनएम स्कूल की छात्राओं ने एनसीडीसी कार्यालय से प्रभात फेरी निकली । प्रभात फेरी को जिला के सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह, डीपीएम नसीम रजि, हॉस्पिटल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. प्राण मोहन सहाय , एनसीडीओ डॉ. के. रंजन और एनसीडी कार्यालय की राखी मुखर्जी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डीपीसी विकास कुमार, लेखापाल उत्तम कुमार, साइकोलॉजिस्ट नितिन आनंद, डेटा ऑपरेटर राहुल कुमार सहित सदर अस्पताल में कार्यरत कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
प्रभातफेरी को हरी झंडी दिखाते हुए जिला के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. आनंद शंकर शरण सिंह ने बताया कि तम्बाकू निषेध और माहवारी स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 28 मई को माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और कपड़ा के स्थान पर सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाता है ताकि वो माहवारी के दौरान किसी प्रकार के संक्रमण की शिकार न हो। उन्होंने बताया कि तम्बाकू उत्पादों के इस्तेमाल से होने वाले दुष्परिणाम से लगभग सभी लोग परिचित हैं। सरकार के द्वारा भी तम्बाकू उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके जागरूकता की कमी के कारण लोग धड़ल्ले से तम्बाकू उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मौके पर मौजूद लोगों को सम्बोधित करते हुए गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. के. रंजन ने बताया कि मुंगेर बिहार का पहला ऐसा जिला है जो जिला कोटपा एक्ट 2003 के अंतर्गत सम्मिलित है। इस अवसर पर उन्होंने एनसीडी द्वारा बनाए गए स्लोगन को दुहराते हुए बताया कि " तम्बाकू एवं धूम्रपान की यदि है आपको आदत तो आप देते हैं कई बीमारियों को दावत"। इसलिए तम्बाकू को छोड़िए और अच्छी सेहत से जुड़िए। उन्होंने बताया कि तम्बाकू छोड़ने के कई फायदे हैं -
1 - हार्ट बीट और ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।
2 - ब्लड में ऑक्सीजन लेवल बेहतर रहता है।
3 - ब्लड सर्कुलेशन और लंग्स बेहतर ढंग से काम करता है।
4 - खाँसी, थकान और सांस टूटने की शिकायत कम होती है।
5 - हार्ट अटैक का जोखिम कम रहता है।
6 - मुंह, गला, भोजन की नली और पेशाब की थैली के कैंसर का जोखिम कम रहता है।
रिपोर्टर
Dr. Rajesh Kumar
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
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